February 25, 2024

राष्ट्र निर्माण में युवा योगदान

सकेत बिन्दु – 1. प्रस्तावना 2. राष्ट्र निर्माण के बहुआयाम 3. राष्ट्र निर्माण में युवकों का योगदान 4. युवाओंकी राष्ट्र निर्माण में ओजपूर्ण शक्ति 5. उपसंहार।

प्रस्तावना-

युवा हमारे देश का वर्तमान और भविष्य हैं। युवा शक्तिशाली, बलवान तथा निडर होता है। इसी में अवस्था में ज्ञान प्राप्त करने की लालसा होती है। ज्ञान प्राप्त करके युवा की चिन्तन-मनन की क्षमता का विकास होता है। इस समय युवा ज्ञान-विज्ञान, संगीत, नुत्य, वाद-विवाद आदि की जानकारी प्राप्त करता है। यही कारण है कि वह देश के विकास का आकांक्षी होता है।

“युवा ही है जो प्रगति के पथ पर राष्ट्र को ले जाने वाला है।

राष्ट्र निर्माण के बहुआयाम –

राष्ट्र के लिए शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, चिकित्सा, खेती, उद्योग आदि कई आयाम है। जिनमें युवा अपना सक्रिय योगदान देता है । जो जिस क्षेत्र में कार्य कर रहा है उसी क्षेत्र में देश को उन्नति का मार्ग दिखाएँ । सभी युवाओं को अपने तरीके से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए । इसके लिए किसी युवा के मन में किसी भी प्रकार के भेदभाव का विचार नहीं आना चाहिए।

“चाहे जो हो धर्म तुम्हारा, चाहे जो वादी हो, अगरनहीं जी रहे देश के लिए, तो तुम अपराधी हो।

राष्ट्र निमाण में युवकों का योगदान –

आज भारत के नवयुवक ही हैं जो भारत देश को आसमान की ऊचाइयों पर ले जा रहे हैं । प्राचीन काल में भी कई ऐसे युवा वैज्ञानिक एवं सन्त हुए हैं जिन्होंने देश के लिए अपनी जी-जान लगा दी थी। आज हर एक युवा को अपने आदर्श, महान युवकों से प्रेरित होकर राष्ट्र के हित में कार्य करने की आवश्यकता है। वैज्ञानिकों ने नई-नई खोज करके, व्यापारियों ने नए उद्योगों से, किसान अच्छी खेती करके, नेता कुशल नेतृत्व करके देश हित में अपना योगदान दे रहे हैं। जैसे आज अनेक एनसीसी कार्यालयों का आरम्भ हुआ है जिसमें संगठित एवं प्रशिक्षित नवयुवक राष्ट्र के बाढ़ पीड़ितों एवं सूखा- ग्रस्त प्रभावितों की मदद करता है ।

युवाओं की राष्ट्र निर्माण में ओजपूर्ण शक्ति-

हमारे राष्ट्र को अपने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के लिये बेहतर से बेहतर कार्य करना बहुत ही आवश्यक है । वह बेहतर कार्य सिर्फ हमारे राष्ट्र के युवा वर्ग के लोग ही करते हैं । युवाओं में एक अलग ही शक्ति होती है । भविष्य में कुछ अलग कर दिखाने की चाह में वह किसी भी क्षेत्र में एक अपूर्व उन्नतिला सकते हैं। युवा सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभाओं को दिखाने में सक्षम होते हैं। किसी रचनात्मक, शै क्षणिक,ऑटोमोबाइल, शासनिक कार्य, खेलों, वैज्ञानिक क्षेत्रों एवं ऐसे ही कई क्षेत्रों को प्रगति की राह पर युवा ही ले जाते हैं ।बस उन्हें एक लक्ष्य की आवश्यकता होती है।5. उपसंहार-आज भारत विश्व की अनेक शक्तियों में सम्मिलित हो गया है । भारत ने वर्षों की परतन्त्रता के बादविकास के मार्ग पर चलना सीख लिया। त: हमें अपना कुशल एवं सक्रिय योगदान करके राष्ट्र को विकास के पथ परअग्रसर करना चाहिए। जिस राष्ट्र में युवा जितने अधिक सेवाभावी होंगे वह राष्ट्र उतनी ही अधिक प्रगति के पथ परअग्रसर होगा।है।होती।एव

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